देसी घी का बिज़नेस 2023 शुरू करें | Desi Ghee Business Idea in Hindi

Desi Ghee Business in Hindi (Making Process, Manufacturing, Price, Investment, Profit, License, Registration, Marketing, Packaging) देसी घी का बिज़नेस शुरू करें, बनाने का तरीका, कैसे बनता है, मैन्युफैक्चरिंग प्राइस, कीमत, लागत, लाभ, लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, मार्केटिंग, पैकेजिंग

Desi Ghee Business देसी घी खाने से हमें काफी ज्यादा पोषण प्राप्त होता है। जो लोग शारीरिक रूप से कमजोर होते हैं वह देसी घी का सेवन करके अपनी शारीरिक कमजोरी को दूर कर सकते हैं और एक स्ट्रांग बॉडी प्राप्त कर सकते हैं। हमारे इंडिया में देसी घी खाने का रिवाज प्राचीन काल से ही चला आ रहा है। किसी भी प्रकार की स्वादिष्ट मिठाई को बनाने के लिए देसी घी का इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ ही ट्रीटमेंट के लिए और सुंदरता बढ़ाने के लिए भी देसी घी का इस्तेमाल होता है, यही नहीं पूजा और हवन में भी देशी घी के इस्तेमाल को महत्व दिया जाता है, क्योंकि देसी घी काफी शुभ माना जाता है।

Desi Ghee Business

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देसी घी बिजनेस क्या है (What is Desi Ghee Business)

हम सभी को घी खाना काफी ज्यादा पसंद होता है क्योंकि बचपन से ही हमें यह बताया जाता है कि घी खाने से हमारी बॉडी को पोषण प्राप्त होता है और हमारी शारीरिक कमजोरी दूर हो जाती है। जिन लोगों के घरों में गाय भैंस होती है वह गाय के दूध से घी अवश्य बनाते हैं, परंतु जो लोग व्यापार के उद्देश्य से घी का निर्माण करते हैं उन्हे काफी अच्छा फायदा इस बिजनेस के द्वारा प्राप्त होता है। व्यापारिक उद्देश्य से घी बनाने की प्रक्रिया को ही देसी घी का बिजनेस कहा जाता है। देसी घी एक ऐसा घी होता है जो शुद्ध होता है और इसमें मिलावट नहीं होती है। इसलिए मार्केट में इसके काफी अच्छी रेट प्राप्त होते हैं। एक अंदाज के मुताबिक 1 किलो देसी घी की कीमत ₹900 से लेकर के 1200 के आसपास तक होती है।

देसी घी का बिजनेस कैसे करें (How to Start Desi Ghee Business)

इंडिया में अधिकतर देसी घी बनाने के लिए गाय और भैंस के दूध का इस्तेमाल किया जाता है। मार्केट में भी इसकी काफी ज्यादा डिमांड होती है। इसीलिए कई लोग देसी घी के बिजनेस को करते हैं। यह एक डिमांडिंग बिजनेस है, इसीलिए अगर कोई व्यक्ति इस बिजनेस को करना चाहता है तो इस आर्टिकल के माध्यम से हम इस बारे में सारी जानकारी प्रोवाइड करवा रहे हैं कि देसी घी का बिजनेस स्टार्ट कैसे किया जाता है और देसी घी का बिजनेस स्टार्ट करने के लिए क्या-क्या करना पड़ता है।

देसी घी का बिजनेस के लिए दुकान या जमीन की व्यवस्था (Arrangement for Shop Desi Ghee Business)

बता दें कि छोटे लेवल पर देसी घी को बेचने का बिजनेस आदमी अपने घर से भी स्टार्ट कर सकता है परंतु कोई व्यक्ति अगर बड़े पैमाने पर इस बिजनेस को स्टार्ट करना चाहता है तो इसके लिए उसे बड़ी जगह की आवश्यकता होगी, क्योंकि जब कोई व्यक्ति बड़े पैमाने पर इस बिजनेस को चालू करेगा तो उसका उद्देश्य यही होगा कि वह इस बिजनेस से ज्यादा से ज्यादा फायदा कमाए और इसके लिए उसे ज्यादा जगह या फिर दुकान की आवश्यकता पड़ेगी। बड़े लेवल पर इस बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए व्यक्ति को अपने लोकल एरिया में किसी जगह या फिर दुकान की व्यवस्था करनी पड़ेगी। अगर व्यक्ति के पास खुद की जगह या फिर दुकान है तो वह उसमें इस बिजनेस को स्टार्ट कर सकता है और अगर उसके पास खुद की जमीन या फिर दुकान नहीं है तो वह किराए पर दुकान या फिर जमीन को ले सकता है।

देसी घी बनाने के लिए दूध के सप्लायर से कांटेक्ट करें (Contact Form Milk Supplier)

Desi Ghee Business हम आपको एक बात बता दें कि अगर आप पहले से ही पशुपालन के बिजनेस से जुड़े हुए हैं तो आपको देसी घी मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस के द्वारा उत्पन्न किए गए देसी घी को बेचने के लिए दूध के सप्लायर से कांटेक्ट करने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आपको यह पहले से ही पता होता है कि आपको किस व्यक्ति को देसी घी बेचना है या फिर आपको कहां पर देसी घी बेचना है। हालांकि अगर आप पहले से ही पशुपालन का काम नहीं कर रहे हैं, तो आपको किसी अच्छे दूध सप्लायर से कांटेक्ट करना चाहिए क्योंकि बता दें, कच्चे माल के तौर पर आपको देसी घी का निर्माण करने के लिए दूध की आवश्यकता पड़ेगी, जो कि आपको दूध का बड़े पैमाने पर उत्पादन करने वाला व्यक्ति ही दे सकता है। ऐसी अवस्था में कच्चे माल की प्राप्ति के लिए आपको अपने एरिया के आसपास में स्थित दूध सप्लायर से कांटेक्ट करना चाहिए या फिर आप किसी डेयरी से भी डायरेक्ट दूध खरीद सकते हैं।

देसी घी के बिज़नेस के लिए जरूरी लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन (License and Registration Desi Ghee Business)

देसी घी की डिमांड इंडिया के ग्रामीण इलाकों में और शहरी इलाकों में बराबर होती है और देसी घी प्राप्त करने के लिए लोग मुंह मांगी कीमत देने के लिए तैयार होते हैं। अगर व्यक्ति अपने लोकल एरिया को ध्यान में रखते हुए इस बिजनेस को स्टार्ट कर रहा है तो ऐसा हो सकता है कि उसे एफएसएसएआई लाइसेंस के अलावा दूसरे किसी भी लाइसेंस या फिर रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता ना पड़े परंतु अगर व्यक्ति देसी घी को एक ब्रांड के तौर पर मार्केट में स्थापित करना चाहता है तो उसे कई लाइसेंस लेने होंगे और रजिस्ट्रेशन भी करवाने होंगे, जिनमें से कुछ की लिस्ट नीचे आपको दी जा रही है।

  • ब्रांड के तहत देसी घी के बिजनेस को चालू करने के लिए व्यक्ति को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी में अपने बिजनेस को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तौर पर या फिर प्रोपराइटरशिप के तौर पर रजिस्टर्ड करवानी पड़ेगी।
  • व्यक्ति को जीएसटी का रजिस्ट्रेशन भी करवाना होगा, जो कि इनवॉइस के लिए और बिलिंग के लिए काम आएगा।
  • नगर पालिका, नगर निगम जैसी लोकल अथॉरिटी से व्यक्ति को ट्रेड लाइसेंस भी प्राप्त करना होगा।
  • देसी घी फूड की कैटेगरी में आता है, इसके लिए व्यक्ति को अनिवार्य रूप से FSSAI का लाइसेंस प्राप्त करना होगा। यह यह लाइसेंस फूड से संबंधित सभी बिजनेस के लिए बहुत ही आवश्यक होता है।
  • एमएसएमई डाटा बैंक या फिर उद्योग आधार में व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार अपने देसी घी के बिजनेस को रजिस्टर्ड कर सकता है।

देसी घी के बिज़नेस के लिए जरूरी मशीनरी और उपकरण खरीदें (Machinery and Equipment for Desi Ghee Business)

रो मटेरियल के तौर पर कच्चा दूध देसी घी के बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए आपको खरीदना पड़ेगा। हालांकि देसी घी को बनाने के बाद उसकी पैकिंग करना भी काफी ज्यादा जरूरी होता है। इसके साथ ही कुछ अन्य बातों पर भी आपको ध्यान देना पड़ता है। देसी घी मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए आपको नीचे दी गई मशीनरी और उपकरणों की आवश्यकता पड़ेगी।

  • मिल्क स्टोरेज टैंक
  • बैलेंस टैंक
  • मिल्क Homogenizer
  • मिल्क पेस्च्युराइजर
  • क्रीम सेपेरटर
  • बायलर
  • पम्प
  • चीलर
  • बटर चर्निंग मशीन
  • घी बोइलिंग केतली
  • आईबीटी टाइप चिल्लिंग मशीन
  • पाउच फिलिंग मशीन
  • अन्य मशीनरी और उपकरण

देशी घी बनाना स्टार्ट करें (Start Making Desi Ghee)

देसी घी बनाने के लिए जिस घरेलू तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है उसमें सबसे पहले दही के तौर पर दूध को जमा दिया जाता है और फिर उसके बाद दही को काफी अच्छी तरह से मथा जाता है जिसके कारण दही मट्ठा के रूप में परिवर्तित हो जाता है। इस प्रक्रिया में जो मट्ठे के ऊपर मक्खन लगा हुआ होता है वह दही से अलग हो जाता है और फिर निकले हुए मक्खन को मट्ठे से अलग कर दिया जाता है और फिर इसे स्टॉब पर गर्म करके देसी घी बनाया जाता है। बिजनेस के तहत मशीनों का इस्तेमाल करके देसी घी बनाने की प्रोसेस की जानकारी नीचे आपको बताई जा रही है।

  • बिजनेस के तहत देसी घी मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया में सबसे पहले जो दूध खरीद कर‌ आया होता है उसे स्टोरेज टैंक के अंदर डाला जाता है और आवश्यकता पड़ने पर दूध को गर्म करने के लिए बॉयलर का यूज किया जाता है।
  • बॉयलर में से भाप पैदा होती है, जो दूध को पाश्च्युरीकृत करने के लिए यूज होती है।
  • एक निश्चित टाइम पूरा हो जाने के बाद दूसरे होल्डिंग टैंक में दूध को डाल दिया जाता है, जिसमें दूध कुछ देर तक ठंडा होता है और उसके बाद होल्डिंग टैंक उसे अपने अंदर स्टोर कर लेता है।
  • दूध ठंडा हो जाने के बाद दूध को मिल्क होमोजेनियर में सप्लाई किया जाता है जो इस बात की कन्फर्मेशन करता है कि ठंडे किए गए दूध में एक समान ग्लोब्युल साइज अवेलेबल हो।
  • अब आगे की प्रक्रिया में बैलेंस टैंक में स्टोर करके रखा जाता है दूध को और फिर दूध को क्रीम सेपरेटर में इसी टैंक मे से डाला जाता है। यह क्रीम सेपरेटर काम करता है दूध में से क्रीम को अलग करने का।
  • जब दूध से क्रीम सेपरेटर की सहायता से क्रीम को अलग कर दिया जाता है तो क्रीम को एक अलग टैंक में और टोंड दूध को एक अलग टैंक में भेजा जाता है।
  • इसके बाद जो टोंड दूध होता है उसे पैक किया जाता है पाउच में या फिर थैली में और फिर निकाला जाता है उसे मार्केट में बेचने के लिए।
  • अब जो क्रीम बची होती है उसे ठंडा करने के लिए चिलर का यूज़ होता है। फिर ठंडा हो जाने के बाद उसे डाल दिया जाता है बटर चर्निंग मशीन में और फिर इस मशीन की सहायता से बटर को क्रीम से कर लिया जाता है अलग और फिर बटर को डाला जाता है एक गर्म बर्तन में और फिर जब वह बर्तन गर्म होता है तो घी का निर्माण हो जाता है।
  • अब प्राप्त हुए देसी घी को या तो पाउच में पैक किया जाता है या फिर डिब्बों में पैक किया जाता है और उसे उपलब्ध करवाया जाता है मार्केट में लोगों को खरीदने के लिए।

देसी घी के बिजनेस के लिए लागत (Desi Ghee Business Investment)

देसी घी मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में इन्वेस्टमेंट बिजनेस के लेवल और जमीन के ऊपर डिपेंड करता है, क्योंकि अगर कोई व्यक्ति देसी घी मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस को बड़े लेवल पर चालू करता है तो उसे अधिक इन्वेस्टमेंट और छोटे लेवल पर चालू करता है तो उसे थोड़ा सा कम इन्वेस्टमेंट करना पड़ेगा, साथ ही अगर किसी व्यक्ति के पास अपनी खुद की जमीन या फिर दुकान है तो उसका इन्वेस्टमेंट थोड़ा सा कम हो जाएगा और अगर नहीं है तो उसे इसका प्रबंध भी करना पड़ेगा।देसी घी के बिजनेस को चालू करने के लिए कई प्रकार की मशीनें आपको लानी पड़ेगी जिनका मार्केट में रेट अलग-अलग होता है। इसलिए यह बात भी इसमें शामिल होती है कि आपको इसमें कितना इन्वेस्टमेंट करना पड़ सकता है।‌ एक अंदाज़ के अनुसार अगर देखा जाए तो तकरीबन स्टार्टिंग में छोटे लेवल पर भी देसी घी बनाने के बिजनेस को चालू करने के लिए आपको ₹4,00,000 से लेकर के 5,00,000 रुपए तक डालने पड़ सकते हैं।

देसी घी के बिजनेस की मार्केटिंग (Desi Ghee Business Marketing)

अपने इलाके के आसपास स्थित किसी व्यस्त चौराहे पर अपने देसी घी मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस के ब्रांड का पोस्टर लगवाए। अगर आपके पास अच्छा बजट है तो आप अपने शहर में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले न्यूज़ पेपर में एडवर्टाइजमेंट भी दे सकते हैं या फिर अपने शहर के लोकल टीवी में भी आप एडवर्टाइजमेंट दे सकते हैं। आप रिक्शा वाले से कांटेक्ट करके उनकी रिक्शा के पीछे अपने बिजनेस का पोस्टर लगा सकते हैं। इसके बदले में आपको कुछ पैसे रिक्शा वाले को देने पड़ेंगे। आप सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके अपने बिजनेस के बारे में लोगों को जानकारी दे सकते हैं। आप अपने बिजनेस के छोटे-छोटे पर्चे प्रिंट करवा कर के उसे अपने आसपास के इलाकों में बांट सकते हैं।

देसी घी के बिजनेस से फायदा (Desi Ghee Business Profit)

देसी घी बनाने के बिजनेस में अगर फायदे की बात करें तो आपको 1 किलो देसी घी के पीछे तकरीबन ₹150 से लेकर के ₹200 तक का फायदा प्राप्त हो सकता है। अगर कम से कम 50 किलोग्राम देसी घी आप 1 दिन में बेच डालते हैं तो आपकी रोज की कमाई तकरीबन ₹7,000 से लेकर के ₹10,000 के आसपास तक हो सकती है और इस प्रकार अगर यही क्रम पूरे महीने भर चलता रहता है तो आपकी महीने की कमाई ₹2,50,000 से लेकर के ₹3,00,000 के आसपास तक हो सकती है। यह कमाई कुछ अवस्था में कम अथवा ज्यादा भी हो सकती है।

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FAQ

Q : देसी घी के बिजनेस को चालू करने के लिए कौन से लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन चाहिए होंगे?

Ans : फर्म का रजिस्ट्रेशन, जीएसटी रजिस्ट्रेशन, ट्रेड लाइसेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, एमएसएमई रजिस्ट्रेशन, ईपीआई और ईएसआई रजिस्ट्रेशन, ट्रेडमार्क, एफएसएसएआई रजिस्ट्रेशन, आईईसी कोड, एफबीओ एक्ट

Q : 1 लीटर देसी घी में कितने ग्राम होते हैं?

Ans : 920 से लेकर 940 ग्राम

Q : शुद्ध घी का रेट क्या है?

Ans : हर राज्य में शुद्ध घी का रेट अलग-अलग है।

Q : घी कौन सा अच्छा है?

Ans : जिस घी को बिना किसी केमिकल को मिला हुए बनाया गया है वही घी अच्छा होता है। हमारी दृष्टि में देखा जाए तो प्राकृतिक तरीके से प्राप्त घी अच्छा है।

Q : शुद्ध घी कैसे पहचाने?

Ans : हाइड्रोक्लोरिक एसिड को एक बर्तन में दो चम्मच घी और दो चम्मच नमक के साथ मिलाकर रखें। तकरीबन 20 मिनट तक आपको इसे ऐैसे ही रहने देना है। 20 मिनट बाद आपको यह देखना है कि क्या घी ने कोई रंग छोड़ा है या नहीं। अगर घी ने कोई रंग नहीं छोड़ा है तो समझ ले कि घी शुद्ध है और अगर घी ने लाल या फिर कोई दूसरा रंग छोड़ा है तो समझ लीजिए कि घी नकली है।

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