How to Start Wholesale Business 2023: थोक व्यापार क्या है कैसे शुरू करें, Profit,

थोक व्यापार क्या है? (कैसे शुरू करें, लागत, मुनाफ़ा, होलसेल बिजनेस, कमाई ,जोख़िम,) Wholesale Business (how to start wholesale business, investment, profit, earning, risk)

Wholesale Business: होलसेल बिजनेस करना एक फायदेमंद सौदा साबित हो सकता है परंतु इस बिजनेस को चालू करने में सबसे बड़ी जो समस्या आती है वह है पैसों की समस्या क्योंकि होलसेल यानी कि थोक बिजनेस को चालू करने के लिए स्टार्टिंग में भारी मात्रा में फंड लगाने की आवश्यकता होती है परंतु इसके बावजूद भी ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जो थोक बिजनेस का व्यापार करने का प्रयास करते हैं और वह यह जानने का प्रयास करते हैं कि इंडिया में होलसेल बिजनेस कैसे स्टार्ट किया जाता है। Wholesale Business करने वाले लोगों का मुख्य काम रिटेल स्टोर तक आर्डर के अनुसार प्रोडक्ट विशेष को पहुंचाना होता है। यही वजह है कि होलसेल डीलर के पास कस्टमर काफी कम ही आते हैं क्योंकि कस्टमर जरूरी सामान रिटेल स्टोर से खरीदते हैं। हालांकि Retail Store को प्रोडक्ट मुहैया करने की जिम्मेदारी Wholesale Dealer की ही होती है

Wholesale Business

थोक व्यापार क्या है (Wholesale Business)

थोक व्यापार को अंग्रेजी भाषा में होलसेल बिजनेस कहा जाता है। इस बिजनेस के अंतर्गत व्यक्ति को किसी प्रोडक्ट को एक साथ बड़ी मात्रा में खरीदना होता है और फिर उस प्रोडक्ट को वह रिटेल स्टोर को बेचता है। इस बिजनेस में बिजनेसमैन के द्वारा प्रोडक्ट की खरीददारी थोक में यानी की भारी मात्रा में होती है, जिसकी वजह से बिजनेसमैन को काफी कम कीमत में ही सामान प्राप्त हो जाता है, जिसे वह आदमी रिटेल स्टोर पर बेच करके काफी अच्छे बेनिफिट प्राप्त करते हैं और आप सभी इस बात को अच्छे से जानते होंगे कि फुटकर सामान की जगह पर अगर आप कोई सामान थोक में लेते हैं तो आपको वह सामान थोड़ा सा सस्ता पड़ता है।

हमारे कहने का मतलब है कि जब किसी बिजनेसमैन के द्वारा होलसेल प्राइस पर डिस्ट्रीब्यूटर से प्रोडक्ट खरीद करके उन्हें रिटेल स्टोर या फिर अंतिम कस्टमर को बेचा जाता है तो इस प्रकार के बिजनेस को ही होलसेल बिजनेस यानी कि थोक बिजनेस कहा जाता है और अधिकतर इस प्रकार के बिजनेस को वही लोग करते हैं जिनके पास बिजनेस में लगाने के लिए पर्याप्त मात्रा में FUND होता है। हालांकि जिन लोगों के पास इन्वेस्टमेंट करने के लिए फंड नहीं है वह चाहे तो बैंक से लोन ले करके भी होलसेल का बिजनेस स्टार्ट कर सकते हैं।

थोक विक्रेता क्या है?

थोक विक्रेता को अंग्रेजी भाषा में

WHOLESALE BUSINESSMAN कहा जाता है। इनकी व्याख्या करें तो जो बिजनेसमैन भारी मात्रा में या फिर बल्क में किसी सामान को खरीद करके उसे कस्टमर को या फिर रिटेल स्टोर को बेचता है, उसे थोक विक्रेता यानी की होलसेल बिजनेस मैन कहा जाता है। होलसेल बिजनेसमैन का संपर्क बड़ी-बड़ी कंपनियों अथवा फैक्ट्री के साथ होता है। यह डायरेक्ट कंपनी या फिर फैक्ट्री में से सामान को खरीदते हैं और फिर उसे रिटेल स्टोर को बेचते हैं।

थोक व्यापार (Wholesale Business) कैसे शुरू करें?

इंडिया में ऐसे लोगों की संख्या काफी अधिक है, जो यह सोचते हैं कि हमारे भारत देश में होलसेल बिजनेस करना काफी सरल है परंतु अगर सच्चाई की बात बताई जाए तो ऐसा नहीं है। इस बिजनेस को स्टार्ट करने में जो सबसे बड़ा चैलेंज निकल कर के सामने आता है, वह यह है कि इसमें काफी भारी मात्रा में पैसे लगाने की आवश्यकता होती है और हर व्यक्ति के पास एनी टाइम इतने पैसे नहीं होते हैं कि वह एक साथ किसी बिजनेस को करने के लिए मोटी रकम लगा सके।

इसलिए अधिकतर लोग अपने पांव पीछे खींच लेते हैं। इसीलिए आपको सबसे पहले तो बिजनेस स्टार्ट करने के पहले फंड का प्रबंध कर लेना है, साथ ही आपको ऐसे प्रोडक्ट का सिलेक्शन करना है, जिसकी मार्केट में डिमांड ज्यादा हो ताकि आपको बिजनेस चालू करने के बाद बिजनेस को सफलता की ओर ले जाने में आसानी हो।

1: सही प्रोडक्ट का सिलेक्शन करें

होलसेल बिजनेस स्टार्ट करने से पहले व्यक्ति को इस बात की जानकारी हासिल करने का प्रयास करना चाहिए कि मार्केट में ऐसी कौन सी वस्तु है, जिसकी डिमांड ज्यादा है और साथ ही उसे इस बात की भी जानकारी हासिल करनी चाहिए कि वह किस प्रोडक्ट को आसानी से मार्केट में बेच सकता है, क्योंकि अगर व्यक्ति ने किसी ऐसे प्रोडक्ट को भारी मात्रा में खरीद लिया, जिसकी डिमांड उसके इलाके में नहीं है या फिर काफी कम ही डिमांड है तो इससे व्यक्ति को अपने प्रोडक्ट को बेचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। वही ऐसा भी हो सकता है कि व्यक्ति को बिजनेस की स्टार्टिंग में ही घाटा आ जाए।

इसीलिए इन सभी कठिनाइयों से बचने के लिए व्यक्ति को डिमांडिंग प्रोडक्ट का सिलेक्शन बेचने के लिए करना है, साथ ही उसे इस बात को भी देखना है कि जिस प्रोडक्ट को बेचने के लिए वह खरीद रहा है, उसे आसानी से हैंडल और मेंटेन किया जा सकता है अथवा नहीं। बिजनेसमैन को हमेशा ऐसे ही प्रोडक्ट का सिलेक्शन बेचने के लिए करना चाहिए जिसके गलने,सड़ने या फिर खराब होने की संभावना काफी कम हो।

2: आवश्यक लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन प्राप्त करें

अपने बिजनेस को चाहे तो बिजनेसमैन प्रोपराइटरशिप के तहत रजिस्टर करवा सकता है। इससे होगा यह कि वह बिजनेस के नाम से ही बैंक में अपना अकाउंट भी ओपन करवा सकता है। हम आपको यह भी बता दें कि जो भी बिजनेसमैन होलसेल बिजनेस स्टार्ट करता है उसे बिजनेस इंस्टिट्यूट से ही डील करने की जरूरत होती है। इसलिए उसे करंट अकाउंट किसी भी बैंक में खुलवाने की जरूरत पड़ती है।

करंट अकाउंट ओपन करवाने के लिए बिजनेसमैन को बिजनेस का एड्रेस सर्टिफिकेट, बिजनेस का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट देना पड़ सकता है। इसके साथ ही बिजनेसमैन बिजनेस के नाम से ही पैन कार्ड एवं जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी करवा सकता है।

होलसेल बिजनेस होने की वजह से आपके बिजनेस का सालाना टर्नओवर जीएसटी की रजिस्ट्रेशन से संबंधित छूट सीमा को आसानी से साल भर में पार कर लेगा। इसलिए बिजनेसमैन को टैक्स का रजिस्ट्रेशन अवश्य करवाना चाहिए, साथ ही उसे अपने बिजनेस को शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत भी रजिस्टर्ड करवाना चाहिए और नगर निगम, नगर पालिका से ट्रेड लाइसेंस भी हासिल करना चाहिए।

3: डिस्ट्रीब्यूटर का सिलेक्शन करें

होलसेल बिजनेस स्टार्ट करने के पहले ही बिजनेसमैन को किसी ऐसी कंपनी के प्रोडक्ट को ही अपने बिजनेस का पार्ट बनाना चाहिए, जिसे लोग इस्तेमाल करना पसंद करते हो साथ ही उसके प्रोडक्ट की मार्केट में डिमांड अधिक हो ताकि उस प्रोडक्ट की सेलिंग ज्यादा हो। ऐसा प्रोडक्ट प्राप्त होने के पश्चात और उसका सिलेक्शन कर लेने के पश्चात बिजनेसमैन को डिस्ट्रीब्यूटर को ढूंढने में या फिर कंपनी को ढूंढने में ज्यादा समस्याएं नहीं आएंगी, क्योंकि हमने इस बात को काफी लंबे समय से देखा है कि फेमस ब्रांड के डिस्ट्रीब्यूटर आसानी से प्राप्त हो जाते हैं और उनका एड्रेस भी आसानी से मिल जाता है।

4: बड़ी जगह की व्यवस्था करें

जब बिजनेसमैन के द्वारा होलसेल बिजनेस को स्टार्ट किया जाता है तब उसके द्वारा भारी मात्रा में एक साथ सामान को खरीदा जाता है और सामान को खरीदने के बाद उसे रखने के लिए उसे बड़ी जगह की आवश्यकता भी होती है, ताकि वह खरीदे गए सामान को वहां पर स्टोर कर सके और जब रिटेल स्टोर से आर्डर आए तब वह उस सामान को रिटेल स्टोर तक पहुंचा सके। इसके लिए बिजनेसमैन को एक वेयरहाउस खोलना चाहिए।

अगर बिजनेसमैन के पास अपनी खुद की जमीन नहीं है तो वह वेयरहाउस को किराए पर भी ले सकता है परंतु बिजनेसमैन को इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि उसका वेयरहाउस होलसेल स्टोर या फिर रिटेल स्टोर के आसपास ही होना चाहिए ताकि वह आसानी से प्रोडक्ट को ट्रांसपोर्ट के जरिए रिटेल स्टोर तक पहुंचा सके। इससे ट्रांसपोर्टिंग का खर्चा भी कम होता है साथ ही बिजनेसमैन को वर्कर को बैठने के लिए उचित जगह का प्रबंध भी करना चाहिए ताकि डिलीवरी सर्विस और पिकअप सर्विस को सही ढंग से चलाया जा सके।

5: होलसेल बिजनेस का सारा रिकॉर्ड रखें

होलसेल बिजनेस करने वाले बिजनेसमैन को चाहिए कि वह प्रोडक्ट जिस कंपनी अथवा डिस्ट्रीब्यूटर से खरीद रहा है, वह इन सभी चीजों का एक व्यवस्थित रिकॉर्ड रखें। इसके लिए बिजनेसमैन चाहे तो एक रजिस्टर बना सकता है और उसमें लेनदेन की सारी जानकारियों को लिख सकता है। इसके अलावा वर्तमान के समय में रजिस्टर की जगह पर कंप्यूटर में ही सभी प्रकार के डाटा को फिड करना उत्तम काम माना गया है।

इसलिए बिजनेसमैन चाहे तो एक कंप्यूटर को खरीद करके उसमें लेनदेन के सभी रिकॉर्ड को स्टोर करके रख सकता है। अगर बिजनेसमैन के पास यह सब काम करने के लिए समय नहीं है, तो वह एक अकाउंटेंट को भी नौकरी पर रख सकता है, जो उसकी कंपनी के सारे रिकॉर्ड को रोजाना तौर पर कंप्यूटर में फीड करेगा।

जब बिजनेसमैन के द्वारा होलसेल बिजनेस को स्टार्ट किया जाता है तब धीरे-धीरे उसका संबंध रिटेल स्टोरों के लोगों से भी बनने लगता है साथ ही कंपनी से भी बनने लगता है। इस प्रकार जान-पहचान बढ़ने की वजह से होलसेल डीलर कभी-कभी कंपनी से उधार में भी सामान को खरीद सकता है और सामान को बेचने के बाद उसकी पेमेंट प्राप्त होने के पश्चात वह कंपनी को उसकी पेमेंट कर सकता है।

होलसेल बिजनेस को सफल बनाने के लिए एक बेहतरीन स्ट्रेटजी और रणनीति की आवश्यकता होती है। इसीलिए बिजनेसमैन को चाहिए कि बिजनेस स्टार्ट करने से पहले वह सभी सिचुएशन के बारे में काफी अच्छे से विचार कर ले और उसके बाद ही कोई ठोस योजना साथ ही रणनीति बनाएं, ताकि जब वह थोक व्यापार को चालू करें तो उसमें वह सफलता की ऊंचाइयों को प्राप्त करें।

थोक व्यापार में लागत (Wholesale Business Investment)

अगर आप बड़े पैमाने पर थोक व्यापार करना चाहते हैं तो आपको बड़ा फंड भी इन्वेस्टमेंट करना पड़ेगा। कहने का मतलब है कि जिस चीज को जितने बड़े लेवल पर किया जाता है, उस चीज की स्टार्टिंग करने के लिए उतना ही पैसा लगाना पड़ता है और होलसेल व्यापार तो एक ऐसा व्यापार है जिसमें आपको एक साथ भारी मात्रा में सामान को खरीदना पड़ता है।

इसलिए मान के चलिए की पूरा सेटअप लेकर के अंतिम स्टेज तक आपके पास तकरीबन ₹3,00000 से लेकर के 50,00000 रुपए का फंड होना चाहिए तभी आप इस बिजनेस में उतर सकते हैं।

अगर छोटे लेवल पर आप थोक व्यापार चालू करना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपके पास कम से कम ₹15,00000 होने चाहिए। इसमें जमीन, किराए की जमीन, ट्रांसपोर्टेशन खर्च, जरूरी लाइसेंस इत्यादि सभी खर्च शामिल है। इस प्रकार बिजनेस के लेवल के हिसाब से थोक बिजनेस में लगने वाली लागत कम अथवा अधिक हो सकती है।

थोक व्यापार में कमाई (Wholesale Business Profit)

अगर आपने बड़े लेवल पर होलसेल का बिजनेस स्टार्ट किया है और आपका बिजनेस काफी अच्छे से चल रहा है, तो महीने में आपकी आमदनी 10,00000 से भी अधिक हो सकती है और अगर आपने छोटे लेवल पर होलसेल बिजनेस को स्टार्ट किया है और आपका बिजनेस ठीक-ठाक रफ्तार से चल रहा है, तो आप आसानी से महीने में ₹3,00000 से लेकर के ₹4,00000 तक कमा सकते हैं। हालांकि जगह, लोकेशन और कस्टमर के हिसाब से यह इनकम कम या फिर अधिक भी हो सकती है।

थोक व्यापार में जोखिम

थोक व्यापार में सबसे बड़ा जोखिम यह है कि अगर आपने ऐसे किसी प्रोडक्ट का सिलेक्शन भारी मात्रा में खरीदने के लिए कर लिया है जो जल्दी से खराब हो सकता है तो आपको इस बिजनेस से नुकसान हो सकता है।

 इसके अलावा जिस गोडाउन या फिर वेयरहाउस में आप सामान को रखते हैं, अगर वहां पर सिलन अधिक है तो आपके प्रोडक्ट को नुकसान हो सकता है। कुल मिलाकर के आपको अपने प्रोडक्ट को खराब होने से बचाना पड़ता है बाकी सब इस व्यापार में ठीक ही रहता है।

FAQ:

Q: थोक व्यापार से आप क्या समझते हैं?

ANS: होलसेल बिजनेस

Q: होलसेल दुकान कैसे खोलें?

ANS: होलसेल बिजनेस के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करके।

Q: सबसे ज्यादा प्रॉफिट वाला बिजनेस कौन सा है?

ANS: होलसेल बिजनेस

Q: होलसेल बिजनेस स्टार्ट करने में कितनी लागत आएगी?

ANS: यह बिजनेस के कद पर डिपेंड करता है।

Q: थोक विक्रेता के कार्य क्या है?

ANS: कंपनी अथवा डिस्ट्रीब्यूटर से भारी मात्रा में सामान को खरीदकर के रिटेल स्टोर को बेचना।

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